Description
Shrimad Bhagavad Gita : Sachitra (2267) [Sanskrit Hindi] 978817948095 जिसके अलग अलग भागों का Author:Shri Radharaman 'Suman' novel ज ज ञ स KAB1013 जिसके अलग अलग भागों का विश्लेषण किया जा सकता है I रोग को शरीर रूपी मशीन के किसी पुरजे में खराबी के तौर पर देखा जाता है I देह की विभिन्न प्रक्रियाओ को जैवकीय और आणविक स्तरों पर समझा जाता है I यह किताब ज्योतिष में प्रयोगात्मक तरीके से फल गणना की किताब है इस कताब में चर दशा व प्रोग्रेस योगिनी दशा का प्रयोग किया गया है जुलाई २०१७ में सप्तऋषि ज्योतिष ने ज्योतिष के प्रचार प्रसार हेतु दिल्ली में अपने संस्थान का उद्घाटन किया यह बेहद सुखद अनुभव रहा एक महीने के भीतर ही छात्रों ने आत्मविश्वास के साथ भविष्यवाणी करना प्रारम्भ कर दिया था सभी प्रतिभागियों को अन्य छात्रों द्वारा दी गई कुंडलियों पर भविष्यवाणी करने को कहा जाता था किसी को भी किसी घटना के विषय में पूर्व से कोई जानकारी नहीं होती थी इस किताब में छात्रों ने अपने शोधकार्य को प्रस्तुत किया है यह किताब इन मेधावी छात्रों की प्रस्तुति है