Description
The Successful Numerology Sachitra Jyotish Shiksha (Ganit Khand Part 2) [Hindi] वरिष्ठसंहिता और समाससंहिता की भांति Author:Shri Radharaman 'Suman' novel ज ज ञ स KAB1013 वरिष्ठसंहिता और समाससंहिता की भांति ही अनुष्टुप छंदो में इसका ग्रंथन किया गया होगा और मुहूर्त को प्रधानता दी गई होगी l श्रीपति ने रत्नकोश को ही मुख्य आधार माना किन्तु अन्य आचार्यो के निर्देश पराग को भ्रमर की भांति चुना और अनुपम ग्रन्थ रचा l कदाचित यह मुहूर्त का स्वतंत्र और प्रथम ग्रन्थ है जो तत्कालीन शक सवंत्सर पर आधारित है l ✅ Vaastu principles for offices