Description
Wealth and Riches in Vedic Jyotisha [English] Language:English जिससे जिज्ञासुओं की समस्त भ्रान्तियों Author:Shri Radharaman 'Suman' novel ज ज ञ स KAB1013 जिससे जिज्ञासुओं की समस्त भ्रान्तियों का निराकरण हो जाता है तथा उनकी ब्रह्म में प्रतिष्ठा हो जाने पर वह परम मुक्ति का अनुभव कर सभी शोक सन्तापों से मुक्त होकर परमानन्द को उपलब्ध हो जाता है पिताश्री की अपने शोध अन्वेषण की दिशा में कईं विशेषताएं रही हैं । जिनमें सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि सत्संग अवस्था में प्रच्छन्न और अप्रच्छन्न रूप से निवास करने वाले योगसिद्ध सन्त