Description
Vital Energy [English] Swami Premanand जिस प्रकार संसार में किन्ही Author:Shri Radharaman 'Suman' novel ज ज ञ स KAB1013 जिस प्रकार संसार में किन्ही दो व्यक्तियों के हाथ की रेखाएं एक सी नहीं होती प्रस्तुत ग्रन्थ जातक परिजात श्री वैद्यनाथ दीक्षित द्वारा रचित ज्योतिष साहित्य के नव रत्नों में से एक हैl १८ अध्यायों में विभक्त प्रस्तुत ग्रन्थ में विद्वान रचनाकार ने निर्द्वन्द रूप से पाराशरी मत का पूर्ण आदर सम्मान करते हुए अपने नवीन मत एवम अनुभवों को सार्थक रूप में प्रस्तुत किया है ।प्रस्तुत ग्रन्थ का पठन "बृहज्ज़ातक" एवम "सारावली" के मनन करने के पश्चात करना उच्चता है l बृहज्ज़ातक की आवश्यकता को ध्यान में रखकर कल्याण वर्मा ने सारावली की रचना की परंतु सारावली में भी कुछ महत्वपूर्ण विषयों के अभाव के कारण ही जातक पारिजात की रचना की गई है lफलदीपिका